5 मिलियन डॉलर में अमेरिकी नागरिकता! ट्रंप का ‘गोल्ड कार्ड’ बना विवाद का विषय

वाशिंगटन, 26 फरवरी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा योजना की घोषणा की है, जो विदेशी निवेशकों को 5 मिलियन डॉलर (लगभग 43.54 करोड़ रुपये) देकर अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने का अवसर देगी। यह योजना वर्तमान ‘EB-5’ वीजा कार्यक्रम की जगह लेगी, जो 1990 से लागू था। ट्रंप ने इस नए वीजा को ‘ग्रीन कार्ड से अधिक उन्नत’ बताते हुए दावा किया कि यह अमेरिका के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह योजना आगामी दो हफ्तों में शुरू होगी और उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इस कार्यक्रम के तहत लाखों ‘गोल्ड कार्ड’ बेच सकती है। उन्होंने दावा किया कि इससे अमेरिका को भारी मात्रा में राजस्व प्राप्त होगा और यह विदेशी अमीरों के लिए अमेरिका में स्थायी रूप से बसने का एक नया मार्ग खोलेगा।

हालांकि, इस योजना को लेकर विवाद शुरू हो गया है। ट्रंप प्रशासन के आलोचकों का कहना है कि यह अमीरों के लिए एक ‘शॉर्टकट नागरिकता’ योजना है, जो अमेरिकी आव्रजन प्रणाली को पूरी तरह बदल सकती है। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि इस योजना से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को वास्तविक रोजगार नहीं मिलेगा, क्योंकि इसमें नौकरी निर्माण की कोई शर्त नहीं रखी गई है।

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या इस योजना के तहत रूसी अरबपतियों को भी नागरिकता दी जाएगी, तो उन्होंने जवाब दिया, “हाँ, संभवतः। मैं कुछ रूसी अरबपतियों को जानता हूँ जो बहुत अच्छे लोग हैं।” उनके इस बयान ने और अधिक विवाद खड़ा कर दिया है।

वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि यह योजना EB-5 वीजा कार्यक्रम को समाप्त कर इसे प्रतिस्थापित करेगी, जिसे ट्रंप ने “धोखाधड़ी और झूठे दावों से भरा” बताया। इस नए ‘गोल्ड कार्ड’ कार्यक्रम में निवेशकों को रोजगार सृजन की कोई बाध्यता नहीं होगी, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस बीच, कई अमेरिकी विधायकों और नीति निर्माताओं ने इस योजना पर सवाल उठाए हैं। कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह योजना आपराधिक तत्वों और विदेशी खुफिया एजेंसियों द्वारा दुरुपयोग किए जाने का जोखिम पैदा कर सकती है।

इससे पहले, EB-5 वीजा कार्यक्रम के तहत, विदेशी निवेशकों को अमेरिका में स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) प्राप्त करने के लिए 1 मिलियन डॉलर का निवेश करना पड़ता था, जिससे कम से कम 10 नौकरियों का सृजन हो। नए ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा में यह शर्त हटाई जा रही है, जिससे यह पूरी तरह से धनिकों के लिए अमेरिकी नागरिकता खरीदने का साधन बन सकता है।

ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह योजना अमेरिका को बड़े पैमाने पर राजस्व प्रदान करेगी और वैश्विक व्यापारियों के लिए अमेरिका को और अधिक आकर्षक बनाएगी। हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी तक अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी नहीं मिली है और इस पर कानूनी अड़चनें आ सकती हैं।

क्या यह योजना अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, या फिर इसे ‘नागरिकता की नीलामी’ कहा जाएगा? आने वाले दिनों में इस पर बड़े राजनीतिक और कानूनी विवाद होने की संभावना है।

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